उनतीसवाँ अध्याय — आत्मा का प्रत्यक्ष अनुभव सत्यदर्शी जी की दृष्टि

इस अध्याय में साधक (सुमन किशोर) की यात्रा एक बहुत महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुँचती है। अब समझ केवल बुद्धि तक सीमित नहीं रहना चाहती —👉 अब साधक सीधा अनुभव चाहता है।📖 यह अध्याय (पेज 29–31 के आसपास) आत्मा के प्रत्यक्ष अनुभव का रहस्य खोलता है 🌿 अनुभव की प्यास ही शुरुआत हैसुमन कहते हैं:👉 “अब … Read more