सातवाँ अध्याय: आत्म-निरीक्षण (भीतर की यात्रा)

दोस्तों, सत्यदर्शी जी की पुस्तक का सातवाँ अध्याय हमें आध्यात्मिक साधना के एक और महत्वपूर्ण चरण की ओर ले जाता है — आत्म-निरीक्षण।पिछले अध्याय में हमने ध्यान के महत्व को समझा। ध्यान हमें शांत बैठकर अपने मन को देखने की क्षमता देता है। लेकिन सातवें अध्याय में सत्यदर्शी जी बताते हैं कि इस देखने की … Read more