बीसवाँ अध्याय: “अंतिम संदेश” (आत्मज्ञान की यात्रा का सार)
दोस्तों, सत्यदर्शी जी की पुस्तक का बीसवाँ अध्याय पूरी आध्यात्मिक यात्रा का सार प्रस्तुत करता है।इस पुस्तक की शुरुआत एक सरल लेकिन गहरे प्रश्न से हुई थी —“मैं कौन हूँ?”और इस प्रश्न की खोज में हम धीरे-धीरे कई महत्वपूर्ण पड़ावों से गुज़रे —अपने शरीर और मन को समझा,अहंकार की प्रकृति को जाना,साक्षीभाव का अभ्यास किया,और … Read more