(चौबीसवाँ अध्याय) स्वीकृति की शांति — सत्यदर्शी जी की दृष्टि

आध्यात्मिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन तब आता है जब साधक जीवन को बदलने की कोशिश कम कर देता है और उसे समझने की क्षमता विकसित करने लगता है। चौबीसवें अध्याय में सत्यदर्शी जी इसी आंतरिक परिवर्तन की ओर संकेत करते हैं। यहाँ साधना संघर्ष से स्वीकृति की ओर बढ़ती है।सत्यदर्शी जी कहते हैं कि … Read more