साक्षी में ठहरना

जीवन को अगर थोड़ी गहराई से देखा जाए, तो एक अजीब विरोधाभास दिखाई देता है। बाहर हलचल है। इच्छाएँ हैं। योजनाएँ हैं। सफलताएँ हैं।असफलताएँ हैं। कभी खुशी आती है। कभी दुख आता है। और इन सबके बीच हम लगातार ये मानते रहते हैं कि हम ही सब कर रहे हैं, हम ही सब भुगत रहे … Read more