दूसरा अध्याय: आत्मा की पुकार ( भीतर से उठती जागृति)
दोस्तों, सत्यदर्शी जी की पुस्तक “जिसकी तलाश में मैं भटका, वो मैं ही था” का दूसरा अध्याय पहले अध्याय की खोज को और गहराई देता है।पहले अध्याय में “मैं कौन हूँ?” का प्रश्न उठा था,लेकिन इस अध्याय में उस प्रश्न के पीछे छिपी आंतरिक पुकार (Inner Calling) को समझाया गया है।प्रश्न का महत्वसत्यदर्शी जी स्पष्ट … Read more