पंद्रहवाँ अध्याय: समत्व (हर परिस्थिति में संतुलन)

दोस्तों, सत्यदर्शी जी की पुस्तक का पंद्रहवाँ अध्याय हमें एक ऐसी अवस्था की ओर ले जाता है, जो आध्यात्मिक जीवन की परिपक्वता को दर्शाती है — समत्व (Equanimity)।चौदहवें अध्याय में हमने जागरूकता को समझा, जहाँ हम हर पल में उपस्थित रहना सीखते हैं।अब इस अध्याय में सत्यदर्शी जी बताते हैं कि जब जागरूकता स्थिर हो … Read more