सोलहवाँ अध्याय: “जागृति का जीवन” — जब आत्मबोध जीवन बन जाता है

दोस्तों, सत्यदर्शी जी की पुस्तक का सोलहवाँ अध्याय एक बहुत महत्वपूर्ण बिंदु पर हमें लाकर खड़ा करता है।अब तक की पूरी यात्रा में हमने जाना —मैं कौन हूँ,साक्षीभाव क्या है,अहंकार कैसे काम करता है,और आत्मबोध क्या है।लेकिन सोलहवें अध्याय में सत्यदर्शी जी एक और गहरी बात बताते हैं —आत्मज्ञान केवल एक अनुभव नहीं है, बल्कि … Read more