तेरहवाँ अध्याय: मौन की गहराई (जहाँ शब्द भी रुक जाते हैं)
दोस्तों, सत्यदर्शी जी की पुस्तक “जिसकी तलाश में मैं भटका, वो मैं ही था” का तेरहवाँ अध्याय हमें उस सूक्ष्म और गहरी अवस्था में ले जाता है, जहाँ समर्पण के बाद व्यक्ति मौन (Silence) में स्थापित हो जाता है।बारहवें अध्याय में हमने समर्पण को समझा,अब इस अध्याय में सत्यदर्शी जी बताते हैं —👉 समर्पण के … Read more