बारहवाँ अध्याय: समर्पण ( जब सब कुछ अपने आप हो जाता है)

दोस्तों, सत्यदर्शी जी की पुस्तक “जिसकी तलाश में मैं भटका, वो मैं ही था” का बारहवाँ अध्याय आध्यात्मिक यात्रा के उस सुंदर और शांत चरण को दर्शाता है, जहाँ व्यक्ति पूरी तरह समर्पण (Surrender) में जीने लगता है।ग्यारहवें अध्याय में हमने करुणा के प्रवाह को समझा,अब इस अध्याय में सत्यदर्शी जी बताते हैं —👉 जब … Read more