छठा अध्याय: अनुभव की स्थिरता (एकत्व में जीवन का रूपांतरण)

जो सत्य अनुभव हुआ है, वह अब खोने वाला नहीं है।यह अध्याय “ज्ञान के उदय” के बाद की स्थिति को बहुत सुंदर तरीके से समझाता है।क्या आत्मा का अनुभव स्थायी रहता है?इस अध्याय की शुरुआत एक बहुत महत्वपूर्ण प्रश्न से होती है:“क्या यह अनुभव स्थायी रहता है?”और सत्यदर्शी जी इसका स्पष्ट उत्तर देते हैं:👉 “हाँ, … Read more