पाँचवाँ अध्याय: ज्ञान का उदय ( समझ से अनुभव तक की यात्रा)

दोस्तों, सत्यदर्शी जी की पुस्तक “जिसकी तलाश में मैं भटका, वो मैं ही था” का पाँचवाँ अध्याय आध्यात्मिक यात्रा का एक बहुत ही महत्वपूर्ण और संवेदनशील चरण है।पहले चार अध्यायों में हमने खोज, पुकार, भ्रम और सच्चे ‘मैं’ की झलक देखी,लेकिन अब सवाल उठता है —👉 जो समझ हमें मिली है, वह स्थायी अनुभव कैसे … Read more