चौथा अध्याय: झूठे ‘मैं’ का अंत (सच्चे ‘मैं’ का प्रकट होना)

दोस्तों, सत्यदर्शी जी की पुस्तक “जिसकी तलाश में मैं भटका, वो मैं ही था” का चौथा अध्याय आध्यात्मिक यात्रा का सबसे निर्णायक मोड़ है।जहाँ पहले तीन अध्यायों में खोज, प्रश्न और भ्रम की पहचान हुई,वहीं चौथे अध्याय में —👉 सत्य की पहली झलक और अहंकार के अंत की बात होती है।अध्याय का मूल संदेशइस अध्याय … Read more