तीसरा अध्याय: मन, बुद्धि और अहंकार का खेल (असली भ्रम की पहचान)

दोस्तों, सत्यदर्शी जी की पुस्तक “जिसकी तलाश में मैं भटका, वो मैं ही था” का तीसरा अध्याय आध्यात्मिक यात्रा का एक बहुत महत्वपूर्ण मोड़ है।पहले अध्याय में खोज शुरू हुई,दूसरे अध्याय में भीतर की पुकार समझ आई,और अब तीसरे अध्याय में —👉 उस चीज़ को समझाया गया है जो हमें सत्य से दूर रखती है।अध्याय … Read more