सत्रहवाँ अध्याय: साक्षीभाव (देखने की अंतिम कला)

दोस्तों, सत्यदर्शी जी की पुस्तक का सत्रहवाँ अध्याय हमें आध्यात्मिक जीवन की उस गहराई में ले जाता है, जहाँ व्यक्ति केवल अनुभव नहीं करता, बल्कि देखने वाला बन जाता है — इसे ही कहते हैं साक्षीभाव (Witness Consciousness)।सोलहवें अध्याय में हमने आत्मबोध को समझा, जहाँ व्यक्ति अपने वास्तविक स्वरूप को जानता है।अब इस अध्याय में … Read more