चौदहवाँ अध्याय: जागरूकता ( हर पल में उपस्थित रहने की कला)
तेरहवें अध्याय में हमने मौन को समझा, जहाँ मन शांत होता है और भीतर गहराई का अनुभव होता है।अब इस अध्याय में सत्यदर्शी जी बताते हैं कि उस मौन को जीवन में बनाए रखने का एक ही तरीका है — जागरूकता।जागरूकता क्या है?सत्यदर्शी जी के अनुसार, जागरूकता का अर्थ है —हर पल में पूरी तरह … Read more