ग्यारहवाँ अध्याय: वैराग्य (आसक्ति से मुक्ति की ओर)

दोस्तों, सत्यदर्शी जी की पुस्तक का ग्यारहवाँ अध्याय हमें आध्यात्मिक जीवन के एक अत्यंत गहरे सिद्धांत से परिचित कराता है — वैराग्य (Detachment)।पिछले अध्याय में हमने स्वीकार्यता को समझा, जहाँ हमने जीवन को जैसा है वैसा देखने की कला सीखी।अब इस अध्याय में सत्यदर्शी जी बताते हैं कि जब स्वीकार्यता गहरी होती है, तब स्वाभाविक … Read more