तीसरा अध्याय: साक्षीभाव ( स्वयं को देखने की कला)

दोस्तों, सत्यदर्शी जी की पुस्तक का तीसरा अध्याय आध्यात्मिक यात्रा के एक बहुत महत्वपूर्ण सिद्धांत को समझाता है — साक्षीभाव।पहले अध्याय में हमने जाना कि आत्मज्ञान की शुरुआत “मैं कौन हूँ?” जैसे प्रश्न से होती है। दूसरे अध्याय में हमने मन की चंचल प्रकृति को समझा। अब तीसरे अध्याय में सत्यदर्शी जी हमें बताते हैं … Read more