नौवाँ अध्याय: एकत्व की अनुभूति (जब सब कुछ ‘मैं’ बन जाता है)

दोस्तों, सत्यदर्शी जी की पुस्तक “जिसकी तलाश में मैं भटका, वो मैं ही था” का नौवाँ अध्याय आध्यात्मिक यात्रा के उस बिंदु को दर्शाता है जहाँ साधक पूरी तरह एकत्व (Oneness) को अनुभव करता है।आठवें अध्याय में हमने “शुद्ध अनुभव” को समझा,लेकिन यहाँ उससे आगे की बात कही गई है —👉 अब अनुभव भी नहीं, … Read more